मृत्यु तो नूतन जनम है, हम तुम्हें मरने न देंगे!
मृत्यु तो नूतन जनम है, हम तुम्हें मरने न देंगे!
वे कहते थे, 'मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य'
यदि आपको कविता पसंद है तो आपने गोपालदास नीरज को अवश्य पढ़ा होगा, यदि संगीत के प्रेमी हैं तो उनके गीतों को भी ख़ूब सुना होगा। ख़ूब इसलिए क्योंकि जिसने एक बार सुन लिया तो वह उनका ही होकर रह गया और फिर एक बार से तो जी भरता ही कहाँ है! उनका जीवन जितने संघर्ष से गुजरा उतनी ही मजबूती से उन्होंने इसको जिया भी और अपनी मेहनत के दम पर उच्च शिखर तक पहुँचे। जिस दर्द को उन्होंने महसूस किया, वही शब्द बन काग़ज़ पर कुछ यूँ ढलता रहा कि जनमानस के दिलों को भीतर तक स्पर्श कर गया। उनकी कविताओं के हाथ में उन्होंने जो प्रेम रुपी दीपक थमाया था, उसी ने हिन्दी साहित्य क...
प्रीति अज्ञात










