हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
सितंबर 2017
अंक -30

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

संपादकीय
आख़िर हम कर ही क्या सकते हैं?     गुरुग्राम के प्रतिष्ठित विद्यालय में एक मासूम बच्चे प्रद्युम्न की जघन्य हत्या ने हम सबको भीतर तक सिहरा दिया है। माता-पिता की हर ख़ुशी उनके बच्चे से जुड़ी होती है बल्कि यूँ कहें कि उनका सम्पूर्ण जीवन ही बच्चों के नाम होता है। सोचिए, क्या बीती होगी उस पिता पर जो दस मिनट पूर्व ही अपने जिगर के टुकड़े का हाथ थामे उसे कक्षा तक छोड़कर आया था। उस माँ की मानसिक दशा क्या होगी, जो सुई की हल्की-सी नोक भी लग जाने पर अपने लाडले को सीने से लगा घंटों दुलराती थी। आज उसी आँखों के तारे की कटी गर्दन.....! आह, यह कौन-सा युग है, जहाँ मृत्यु इतनी ....
 
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इस अंक में ......

आवरण: प्रीति अज्ञात

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