ये शब्दकोश से पहले की बात है
गिनती पहाड़े सब बाद में …
1. सार्वजनिक शौचालय
सार्वजनिक शौचालयों की दीवारें इन दिनों,
साफ सुथरी नजर …
कि चारों दिशाओं में
केवल चक्र ही चक्र है।
समय के अनंत …
मैं पारस पत्थर हूँ, छू लूँ तो तुम स्वर्ण बनोगे,
मेरे स्पर्श …
शब्दों की अपनी हस्ती है
शब्दों की अपनी मस्ती है
कहीं पर
1. आत्मा के वस्त्र
काश!
कपड़ों से पहले बुने गए होते आचरण …
बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
ललितप्रसाद जोशी
कविता-कानन
ज़हीर अली सिद्दीक़ी
कविता-कानन
डॉ. आशीष 'अशेष'
कविता-कानन
तेजस पूनियां
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
गौरव चौधरी
कविता-कानन
वंदना सहाय
कविता-कानन
सुशांत सुप्रिय
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बंदना पंचाल
कविता-कानन
निधि व्यास
कविता-कानन
विनीता ए कुमार
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ममता सिंह
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नवीन कुमार जोशी
कविता-कानन
पूनम शर्मा
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
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बिमल सहगल
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देवेन्द्र पाल सिह 'बर्गली'
कविता-कानन
बंदना पंचाल
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डाॅ. मधु संधु
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मोती प्रसाद साहू
कविता-कानन
प्रभा मुजुमदार
कविता-कानन
अटल कश्यप
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बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
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मालिनी गौतम
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हरदीप सबरवाल
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शरद कोकास
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मुकेश कुमार सिन्हा
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बिमल सहगल
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चंद्रप्रभा शर्मा
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ममता सिंह
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शैलेन्द्र चौहान
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धर्मपाल महेन्द्र जैन
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आनंद शर्मा
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ममता सिंह
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प्रतिभा सुमन शर्मा "रजनीगंधा"
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हरदीप सबरवाल
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शुभा मिश्रा
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मुकेश कुमार सिन्हा
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बिमल सहगल
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शैलेंद्र ढड्ढा सुधर्मा
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प्रकाशचंद भट्ट
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हरदीप सबरवाल
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सुशांत सुप्रिय
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