संपादकीय
प्रेम की सारी बातें... !
प्रेम, रात के काले साए को अपनी रौशनी से जगमग कर देने वाला ऐसा अनोखा मनमोहक जादूगर है जिसकी अदृश्य टोपी में ख़ुशियों के सैकड़ों उत्साही ख़रगोश सरपट दौड़ते नज़र आते हैं। यह आसमां से झांकता वो दूधिया चाँद भी है जो बेहद प्यारा और सारे जहाँ से निराला है। भले ही यह कभी पूरा, कभी आधा और कभी टिमटिमाकर गायब हो जाता है लेकिन अपनी उपस्थिति का अहसास सदैव ही बनाए रखता है।
यह रमज़ान की ईद है, विवाहिताओं का करवा-चौथ है। प्रेमियों की स्वप्निल उड़ान है। रात की नदी में डूबकर इठलाता, झिलमिलाता दीया है। बच्चे की उमंगों भरी मुस्कान है। स्याह अँधेरे के आदी मुसाफ़िर की आँखों में अचानक भरी चमकीली, सुनहरी उम्मीद है। यह अहसास इतना लुभावना और आकर्षक है कि मन पूछ बैठता है, "चाँद, तुम ...
प्रीति अज्ञात
