नालंदा
सुनो द्वारपाल-
‘जब इसे जलाने आए
ढहाने आए,
तुम खड़े थे …
नालंदा
सुनो द्वारपाल-
‘जब इसे जलाने आए
ढहाने आए,
तुम खड़े थे …
मिर्च ख़ासी तीख़ी ही होनी चाहिए
तांत की साड़ी रखे-रखे
तहों से …
आतप
फिर फूले हैं
सेमल, टेसू, अमलतास
हुआ ग़ुलमोहर
सुर्ख़ लाल
ताप …
अमीबा
‘अमीबा’ हो गयी हैं
मरती हुई
संवेदनाएँ
पोखर, गड्ढे, तालाबों के…
उदास क्यों रहती हो
जब-तब ये दुनिया तुम्हारे पाँव में काँटे-सी चुभती …
1.
इन दिनों
पानी से ज्यादा तादाद में
खौल रहा है खून।…
चाँदनी और चंपा
समां बंधा है देखो मन का
मद्धम झोंका शीतल …
किसी मीनार से पूछो
मुहब्बत कितनी ऊँची है,
उठाके वो भी नज़रें…
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
सुरभि बेहेरा
कविता-कानन
दीपाली सुतार
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
ललितप्रसाद जोशी
कविता-कानन
ज़हीर अली सिद्दीक़ी
कविता-कानन
डॉ. आशीष 'अशेष'
कविता-कानन
तेजस पूनियां
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
गौरव चौधरी
कविता-कानन
वंदना सहाय
कविता-कानन
सुशांत सुप्रिय
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बंदना पंचाल
कविता-कानन
निधि व्यास
कविता-कानन
विनीता ए कुमार
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
नवीन कुमार जोशी
कविता-कानन
पूनम शर्मा
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
देवेन्द्र पाल सिह 'बर्गली'
कविता-कानन
बंदना पंचाल
कविता-कानन
डाॅ. मधु संधु
कविता-कानन
मोती प्रसाद साहू
कविता-कानन
प्रभा मुजुमदार
कविता-कानन
अटल कश्यप
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
कविता-कानन
मालिनी गौतम
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
शरद कोकास
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
शैलेन्द्र चौहान
कविता-कानन
धर्मपाल महेन्द्र जैन
कविता-कानन
आनंद शर्मा
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
प्रतिभा सुमन शर्मा "रजनीगंधा"
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
शुभा मिश्रा
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
