1. स्त्रियाँ
हरी-भरी फ़सलों-सी
प्रसन्न है उनकी देह
मैदानों में बहते जल-सा…
1. स्त्रियाँ
हरी-भरी फ़सलों-सी
प्रसन्न है उनकी देह
मैदानों में बहते जल-सा…
तुम्हें शोभा नहीं देता
तुम्हें शोभा नहीं देता
कि तुम आँसू बहाओ…
आतप
फिर फूले हैं
सेमल, टेसू, अमलतास
हुआ ग़ुलमोहर
सुर्ख़ लाल
ताप …
मुझे प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती
बसंत के लिए महीनों
मेरी बिटिया जादू …
मेरे बालों को सहलाकर
उनमें से जूँ निकालने के बहाने
चुपके से…
मैं लड़ता हूँ लड़ाई
मिट्टी और कुदाली से
लहूलुहान होते हुए
मैं …
कविता-कानन
पतंग
इंतज़ार करती मैं
बड़ी बेसब्री से,
इसी दिन का, वर्ष …
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
सुरभि बेहेरा
कविता-कानन
दीपाली सुतार
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
ललितप्रसाद जोशी
कविता-कानन
ज़हीर अली सिद्दीक़ी
कविता-कानन
डॉ. आशीष 'अशेष'
कविता-कानन
तेजस पूनियां
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
गौरव चौधरी
कविता-कानन
वंदना सहाय
कविता-कानन
सुशांत सुप्रिय
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बंदना पंचाल
कविता-कानन
निधि व्यास
कविता-कानन
विनीता ए कुमार
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
नवीन कुमार जोशी
कविता-कानन
पूनम शर्मा
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
देवेन्द्र पाल सिह 'बर्गली'
कविता-कानन
बंदना पंचाल
कविता-कानन
डाॅ. मधु संधु
कविता-कानन
मोती प्रसाद साहू
कविता-कानन
प्रभा मुजुमदार
कविता-कानन
अटल कश्यप
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
महेश कुमार केशरी
कविता-कानन
मालिनी गौतम
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
शरद कोकास
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
चंद्रप्रभा शर्मा
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
शैलेन्द्र चौहान
कविता-कानन
धर्मपाल महेन्द्र जैन
कविता-कानन
आनंद शर्मा
कविता-कानन
ममता सिंह
कविता-कानन
प्रतिभा सुमन शर्मा "रजनीगंधा"
कविता-कानन
हरदीप सबरवाल
कविता-कानन
शुभा मिश्रा
कविता-कानन
मुकेश कुमार सिन्हा
कविता-कानन
बिमल सहगल
कविता-कानन
