पाँच हजार कि.मी. दूर रूस-यूक्रेन में युद्ध चल रहा है और यहाँ भारत में एक परिवार की दुनिया उजड़ गई। खबर आई कि कर्नाटक के मूल निवासी नवीन शंकरप्पा, जो यूक्रेन के खारकीव शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, रूसी गोलाबारी की चपेट में आ गए। जब उन पर रूसी रॉकेट गिरा तब वे एक राशन की लाइन में खड़े थे। जी हाँ, वे अपने आटे-दाल का इंतजाम करने के लिए बंकर से बाहर निकले थे। एक मौलिक जरूरत पूरी करने की गरज से निकला वह युवा दुनिया की सबसे गैर-जरूरी चीज़ ‘युद्ध’ की वजह से दुनिया से चला जाता है।
खारकीव में दिवंगत हुआ नवीन भारतीय था, इसलिए हमारी संवेदनाएं इस सुदूर युद्ध के प्रति बढ़ गई हैं। जिसे कल तक हम तमाशबीन बने देख रहे थे, आज उस युद्ध के प्रति अचानक भावनाएं उमड़ने लगी हैं। लेकिन, क्या युद्ध की व...
प्रीति अज्ञात


