१)
जब कभी भी
मन उदास हो या
अकेलापन महसूस
कर रहे हो तो
तुम देखना आसमान की
तरफ
उस असंख्य तारों वाले
ब्रह्मांड में
किसी एकान्त कोने में
हो सकती है एक ओर
पृथ्वी
और वहाँ से भी कोई
इंसान,
हो कर उदास
तुम्हारी तरफ देख रहा होगा…!
*******************
२)
मैं उन्हीं अणुओं के साथ जन्मा हूँ
जिससे निर्माण हुआ ब्रह्माण्ड का,अणु से परमाणु बने
परमाणु से आकाशगंगाएं बनी, तारे बने
सौरमंडल, पृथ्वी , इन्सान,
और इंसानों के हृदय में प्रेम,मेरे हिस्से में लिखा था भटकनामुझे कभी क्वेज़ारों की
असीम रोशनी मिली,
तो कभी मिला ब्लैक होल
सा अंधकारमैं कई प्रकाश वर्षों से
प्रेम के लिए भटक रहा हूँ..!
जिससे निर्माण हुआ ब्रह्माण्ड का,अणु से परमाणु बने
परमाणु से आकाशगंगाएं बनी, तारे बने
सौरमंडल, पृथ्वी , इन्सान,
और इंसानों के हृदय में प्रेम,मेरे हिस्से में लिखा था भटकनामुझे कभी क्वेज़ारों की
असीम रोशनी मिली,
तो कभी मिला ब्लैक होल
सा अंधकारमैं कई प्रकाश वर्षों से
प्रेम के लिए भटक रहा हूँ..!
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