1
आप तो रिश्तों में भी चालाकियाँ करते रहे
और हम तो उम्र भर नादानियाँ करते रहे
हम बदल जाते बदल जाती फ़िज़ा इस दौर की
सब बदल जाएं यही गुस्ताख़ियाँ करते रहे
जिन युवाओं के भरोसे देश की तक़दीर है
वो नशे में चूर हो शैतानियाँ करते रहे
राहे उल्फ़त थी कठिन दुश्मन ज़माना था मगर
उम्र भर दिल की सुनी मनमानियाँ करते रहे
अब ये जाना झूठ का चेहरा चमकता है यहाँ
हम सदा सच बोलने की ग़लतियाँ करते रहे
2
हमारे प्यार की बातें हैं और हम तुम हैं
बहुत हसीन फ़िज़ाएं हैं और हम तुम हैं
वफ़ा के फूल खिले हैं हमारे जीवन में
मुहब्बतों की हवाएं हैं और हम तुम हैं
कहीं छुपा के रखेंगे हम एक दूजे को
सभी की हम पे निगाहें हैं और हम तुम हैं
पुराने गीत सुनाना वो रूठ जाने पर
गुज़रते वक़्त की यादें हैं और हम तुम हैं
ज़मीं मैं आपकी हूँ आसमां आप मेरे हैं
यही हमारी पनाहें हैं और हम तुम है
3
एक ही राह के मुसाफ़िर हैं
तुम हो जादू तो हम भी साहिर हैं
हमको मत ढूंढिए ज़माने में
हम तुम्हारे ही रुख़ से ज़ाहिर हैं
जानते हैं भला बुरा अपना
इस हुनर में बड़े ही माहिर हैं
हम ही अव्वल हैं इस कहानी में
और हम ही तुम्हारा आख़िर हैं
इतने मासूम हैं कि क्या कहिये
सबको लगता यही कि शातिर हैं
4
भर गया दिल सुकूनो राहत से
तुम मिले हमसे जब मुहब्बत से
जैसे तितली छुए किसी गुल को
हाय वो चूमना नज़ाक़त से
भा गई आँखों को तेरी सूरत
पा गया चैन दिल भी सीरत से
आदतें एक सी हमारी हैं
और दिल एक जैसे फ़ितरत से
ज़िन्दगी से नहीं रहा शिकवा
पा लिया आपको जो किस्मत से
दिल उजालों से भर गया मेरा
बाख़ुदा आपकी इनायत से





