1.
शराफ़त का जो गाएगा तराना!
उसे ही काट खाएगा ज़माना!
जो खुद डूबे हुए हों उनकी ख़ातिर!
बताओ लाज़िमी क्या डूब जाना!
फ़क़त मांगी मोहब्बत कब कहा था!
सितारे आसमान से तोड़ लाना!
कोई जब थामने वाला न आया!
मेरे क़दमों ने छोड़ा लड़खड़ाना!
ज़रूरत सील देती है लबों को!
बहुत मुश्किल है खुल के मुस्कुराना!
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2.
प्यार की पहली निशानी भूल जा!
अपने माज़ी की कहानी भूल जा!
ज़हन पर तेरे ही तो होगा असर!
किसने की है बदज़ुबानी भूल जा!
ख़ूँ में शामिल उसके है धोखा अगर!
ये कमी है ख़ानदानी भूल जा!
दो घड़ी का चैन पाने के लिए!
प्यास अश्कों से बुझानी भूल जा!
आ गया कमज़र्फ़ की महफ़िल में तो!
ख़ुद ही होगा पानी-पानी भूल जा!






