अप्रैल 2017
अंक - 25 | कुल अंक - 63
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हायकु

हायकु


सूरज टाँके
धूप के पीले बूटे
झील चुनरी



चाँद सी रोटी
नीली झील की थाली
रात परोसे



ख़्वाबों की उम्र
लम्हों की रिश्तेदारी
काँच-सी टूटी



नैनों में कथा
एकाकीपन व्यथा
कोई न सखा



कोने में खड़ी
अनुभवों से मढ़ी
बाबा की छड़ी



स्वप्न पाहुन
पलकों की देहरी
मनायें जश्न



तंग शहर
बदलाव की हवा
रूठ के बैठी



ले आये टेसू
सांझ की देहरी पे
लाल काँवर



ताल पहने
काई की पैरहन
चिढ़ायें बच्चें



पहन चश्मा
माँ जैसी लगती हूँ
खुश होती हूँ


- आभा खरे

रचनाकार परिचय
आभा खरे

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