दिसम्बर 2020
अंक - 65 | कुल अंक - 66
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

बाल-वाटिका

बालगीत- मुनिया रानी

भोली-भाली मुनिया रानी,
पीती थी वह दिनभर पानी।
दादा के सिर पर चढ़ जाती,
बड़े मज़े से गाना गाती।।

दादा-दादी, ताऊ-भैया,
नाच नचाती ताता थैया।
खेल-खिलौने रोज़ मँगाती,
हाथों अपने रंग लगाती।।

भैया से वह झगड़ा करती,
पर बिल्ली से ज़्यादा डरती।
नकल सभी की अच्छी करती,
नल में जाकर पानी भरती।।

दादी की वह प्यारी बेटी,
साथ उसी के रहती लेटी।
कथा-कहानी रोज़ सुनाती,
तभी नींद में वह सो जाती।।


- महेन्द्र देवांगन माटी

रचनाकार परिचय
महेन्द्र देवांगन माटी

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