अक्टूबर-नवम्बर 2020 (संयुक्तांक)
अंक - 64 | कुल अंक - 64
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

बाल-वाटिका

चलो चलें अब दीप जलाएँ

चलो चलें अब दीप जलाएँ
ख़ुशियों का त्योहार मनाएँ

जब-जब आती है दीवाली
सजती है ख़ुशियों की थाली
माँ फैलाती अपने हाथों
कोने-कोने में उजियाली
आओ हम भी हाथ बँटाएँ
ख़ुशियों का त्योहार मनाएँ

अब न करेंगे धूम-धड़ाके
आतिशबाज़ी ख़ूब उड़ा-के
घर-घर में यह पर्व मनाएँ
खील-बताशे, गुजिया खाके
जगमग-जगमग दीप जलाएँ
ख़ुशियों का त्योहार मनाएँ

जो करता है दूर अँधेरा
वह लाता है सुखद सवेरा
दीप हमेशा यही सिखाता
तोड़ो हरदम तम का डेरा
आओ मिलकर गीत सुनाएँ
ख़ुशियों का त्योहार मनाएँ


- सुरभि बेहेरा

रचनाकार परिचय
सुरभि बेहेरा

पत्रिका में आपका योगदान . . .
कविता-कानन (1)बाल-वाटिका (1)