सितम्बर 2020
अंक - 63 | कुल अंक - 63
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हाइकू

हाइकू

चन्द्रमा आ के
चाँदनी की ओट में
घरों में झांके।



बूढी चौपालें
बस पंच पड़े हैं
खटिया डालें।



पत्ते झरे थे
टहनियाँ चुप हैं
हरे-भरे थे।



आरी की याद
सिहर गये पेड़
वर्षों के बाद।



नदी ने लिखा
पाट के पृष्ठों पर
दूब-सा दिखा।



तटबंध जी
नदी के पढें सभी
अनुबंध भी।



डाली, दुखड़े
काली आँधी से कहे
पेड़ उखड़े।



ऐनक चढ़ा
सूरज देख रहा
दिन का लिखा।



नाव खो गयी
टेढी चाल नदी की
बालू बो गयी।



आज ही चल
नुकीले पत्थरों पे
क्यों कल-कल।


- भीकम सिंह

रचनाकार परिचय
भीकम सिंह

पत्रिका में आपका योगदान . . .
हाइकु (1)