जून-जुलाई 2020 (संयुक्तांक)
अंक - 61 | कुल अंक - 61
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हाइकू

हाइकू


रात के माथे
आलोकित है चाँद
बिंदी-सा शांत।



एक तुम ही
हृदय तक गये
भावना गहे।



प्रेम-पीड़ा में
सबकुछ दलना
बस गलना।



न बतियाना
न ही पूछना, बस
महसूसना।



सतत पीड़ा
सुख विरल कर
करती क्रीड़ा।



न तुम आते
न लाते मुहब्बत
न पछताते।



प्रेम में होना
नंदन-कानन में
बीज-सा बोना।



प्रेम को खोना
ऊसर-उजड़ में
मेघ-सा रोना।



प्रेम न होना
आत्म-हीन बन
देह को ढोना।



दरक गया
वाणी का दाड़िम
प्रेम पक गया।


- दिनेश सूत्रधार

रचनाकार परिचय
दिनेश सूत्रधार

पत्रिका में आपका योगदान . . .
हाइकु (1)