मई 2020
अंक - 60 | कुल अंक - 61
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

कविता-कानन

किताबों  के पन्ने

लुभाते हैं मन को किताबों के पन्ने-
सफेद, रंगीन चमकें सुहाने,
कवर का आकर्षण-
खींचे है हर क्षण

भू-लोक पर इनकी गूंजे महत्ता
दिलो-दिमाग पर छाई इनकी ही सत्ता,
मधुरिम से शब्दों के-
फहरें हैं परचम

ग़म की, खुशी की-
सहज बेबसी की,
रोचक, प्रभावी-
बातें हों हावी.

ग़ज़ब के ये पन्ने-
लगें हर्ष बुनने,
कहीं भी, कभी भी-
लगूं इनको गुनने

परिवेश जब होता दुश्वार
जंग छिड़े मन में बारम्बार,
कलम बने तब-तब
तेज धार-हथियार

पढ़ें इनको पूजें
ध्वनि इनमें गूंजें,
कहती हैं क्या कुछ
चलो इनसे पूछें


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पतंगें

उड़ रहीं बेखौफ कितनी
ये गगन में,
हैं बड़ी बिंदास
सचमुच ये पतंगें

ऊँचा फ़लक
इनको निहारे,
पतंगबाज़
चीखें, पुकारें

ध्यान खींचें
फर-फर करें,
डोलते पदचाप
छत धीरज धरें

सप्तरंगी तितलियों-सी
झूमती हैं,
फिरकियों-सी ये
शिखर पर घूमती हैं

चढ़ रहीं हैं डोर पर
सोपान-दर-सोपान
चुभते मांझे ने गढ़ी-
इनकी ग़ज़ब पहचान

पर्व की हैं शान ये
हल्के में तुम न आंकना
उनकी भारी जीत होती
जिन्हें आता थामना


- डॉ. अंजु लता सिंह

रचनाकार परिचय
डॉ. अंजु लता सिंह

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