मई 2020
अंक - 60 | कुल अंक - 61
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

छन्द-संसार

माँ को समर्पित दोहे

नेह भरी पुचकार की, क़ीमत है अनमोल।
बिक जाती है माँ मगर, सुनकर तुतले बोल।।



क़दमों में जन्नत मिले, देता फिरे बयान।
माँ तेरे हर रूप को, पूजे सकल जहान।।



आँचल से पंखा करे, हरे सभी अवसाद।
किस्मत वालों को मिले, माँ का आशीर्वाद।।



पढ़कर तुम भी देख लो, हर माँ का इतिहास।
बेटा हुआ उदास तो, माँ भी हुई उदास।।



धूप लिए जब शहर की, पहुँचा अपने गाँव।
माँ के आँचल ने दिया, मुझको शीतल छाँव।।



क्यूँकर सोचूँ मै भला, अनहोनी की बात।
मेरे सर पर है अभी, मेरी माँ का हाथ।।


- सत्येन्द्र गोविन्द

रचनाकार परिचय
सत्येन्द्र गोविन्द

पत्रिका में आपका योगदान . . .
गीत-गंगा (1)छंद-संसार (1)