रचनाकार : हस्ताक्षर
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
सितम्बर 2018
अंक -42

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

रचनाकार परिचय

सूरज प्रकाश

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संपर्क :
09930991424
परिचय :
मैंने देर से लिखनाशुरू किया लेकिन इतना काम कर लिया है‍कि अब देरी से लिखने का मलालनहीं सालता। बेशक चालीस के करीब कहानियां लिखी होंगी अब तक मेरे पांचकहानी संग्रह हैं - अधूरी तस्वीर (1992), छूटे हुए घर – (2002), खो जाते हैं घर 2012, मर्द नहीं रोते 2012 और छोटे नवाब बड़े नवाब 2013।
 
मेरे दो ही उपन्यास हैं-  हादसों के बीच (1998) और देस बिराना (2002)  (दो संस्केरण)।
 
इनके अलावा मेरे दो व्यंग्य संग्रह हैं - ज़रासंभल के चलो 2002 और दाढ़ी में तिनका 2011में छपा था।
 
मेरा एक कहानी संग्रह गुजराती में भी है - साचासर नामे जो 1996 में छपा था।
 
मूल लेखन के अलावा मैंने गुजराती और अंग्रेज़ी से बहुत अनुवाद किये हैं और इस काम में मुझे संतोष भी बहुत मिला है।
 
अंग्रेज़ी से जो अनुवाद किये, वे हैं - जॉर्जआर्वेल का उपन्यास एनिमल फार्म, गैब्रियल गार्सिया मार्खेज केउपन्यास Chronicle of a death foretold का अनुवाद, चार्ली चैप्लिनकी आत्म कथाका अनुवाद जो 2006 में आधार प्रकाशन से छपा। चार्ल्स डार्विन की आत्म कथा का अनुवाद जो NCERT से 2009 में छपा। मिलेना (जीवनी) का अनुवाद 2004 में छपा। ऐन फ्रैंक की डायरी का अनुवाद 2002 में छपा। इसके कुछ अंश NCERT द्वारा प्रकाशित 12वीं कक्षा की किताब वितान में कई बरसों से पढ़ाये जा रहे हैं। इनके अलावा कई विश्व प्रसिद्ध कहानियों के अनुवादप्रकाशित होते रहे।
 
गुजराती से अनुवादों में व्यंग्यकार विनोद भटकी तीन पुस्तकें, गुजराती के महान शिक्षा शास्त्रीअ गिजू भाई बधेकाकी दो पुस्तकें दिवा स्वप्न और मां बाप सेका तथा दो सौ बालकहानियां अनुवाद के जरिये हिंदी पाठकों तक पहुंचीं। दिनकर जोशी केउपन्यास प्रकाशनो पडछायो का अनुवाद किया। ये उपन्‍यास गांधी जी केबड़े बेटे हरिलाल के जीवन पर आधारित है। इसके अलावा महात्मा गांधी की आत्म कथा सत्य के मेरे प्रयोग का अनुवाद राजकमल प्रकाशन के अनुरोध पर किया। पेपर बैक और हार्डबाउंड दोनों में उपलब्ध।
 
मैंने लगभग 9 पुस्तमकों का संपादन किया है। साहित्य। के अलावा 6 पुस्तकों का संपादन अपनी नौकरी के सिलसिले में किया। बंबई 1, बंबई पर आधारित कहानियों का संग्रह है, कथा लंदन यू. के. में लिखी जा रही हिन्दी कहानियों का संग्रह है और कथा दशक कथा यू.के. से सम्मानित 10 रचनाकारों की कहानियों का संग्रह है।
 
रिज़र्व बैंक के लिए जिन 6 पुस्तिकों का सम्पादन किया, वे हैं 1. लघु वित्तन 2. रिटेल बैंकिंग 3. एसएमई 4. कृषि व्याुपार एवं निर्यात, 5. नेतृत्वथ और 6. ग्राहक सेवा
 
मेरे लिखे शब्दों को जो सम्मान मिले, वे हैं गुजरात साहित्य अकादमी का सम्मान और महाराष्ट्र अकादमी का सम्मान। इनके अलावा 2009 में मुंबई की संस्थाद आशीर्वाद की और से सारस्वत सम्मान।
 
रेडियो पर प्रसारण लगभग 30 बरस से अनवरत। कई कहानियों का रेडियो पर प्रसारण
 
दूरदर्शन के कई केन्द्रों पर साक्षात्कार आदि का प्रसारण। इनके अलावा छोटे नवाब और बड़े नवाब तथा डर कहानियों का दूरदर्शन पर फिल्म के रूप में प्रदर्शन
 
ऑडियो के रूप में उपन्यांस देस बिराना का नेशनल इंस्टीडट्यूट फार ब्लाइंड द्वारा दृष्टिहीनों के लिए रिकार्डिंग तथा प्रसारण और यही उपन्यास देस बिराना लंदन की एक संस्था को एशियन कम्यूतनिटी आर्ट्स द्वारा ऑडियो सीडी के रूप में जारी।
 
कई शहरों में गोष्ठियों और मित्र मंडलियों में कहानी पाठ
 
विशेष उपलब्धियों में
 
कहानी संग्रह छूटे हुए घर पर रोहतक विश्वविद्यालय की छात्रा द्वारा एम फिल के लिए शोधकार्य
 
उपन्याचस देस बिराना पंजाब विश्वाविद्यालय और चेन्नई विश्वलविद्यालय की दो छात्राओं द्वारा पीएच डी के लिए शोधकार्य में शामिलेववतं
 
सम्पूर्ण लेखन पर कुर्ग विश्वश विद्यालय में सुनीता कुमार जी द्वारा शोध कार्य
 
कहानियां विभिन्न संग्रहों में प्रकाशित
 
कहानियों के दूसरी भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित
 
पिछले 35 बरस से हिन्दी और अनुवाद से निकट का नाता
 
मेरे शौक हैं-घूमना, ट्रैकिंग, संगीत सुनना, फिल्में देखना, आत्म कथाएं और प्रेम कहानियां पढ़ना और अपने अकेलेपन में मस्त रहना
 
परिवार में पत्नी मधु और दो बेटे अभिजित और अभिज्ञान
 
मेरे ब्लांग http://kathaakar.blogspot.com/
 
http://soorajprakash.blogspot.com
 
 
 
फेसबुक पर मौजूद लेकिन नाम वहां सूरज प्रकाश हिंदी में लिखा है
 
इंटरनेट पर मौजूदगी: विश्व भर की इंटरनेट पत्रिकाओं में
 
मुझसे 09930991424 या एच1/101 रिद्धि गार्डन फिल्म सिटी रोड मालाड पूर्व मुंबई 400097 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

हस्ताक्षर में आपका योगदान

कथा-कुसुम (1)ख़ास-मुलाक़ात (1)