हस्ताक्षर रचना
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मई 2017
अंक -41

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हायकु

हायकु

कोसते रहे
समूची सभ्यता को
बेचारे भ्रूण



दौड़ाती रही
आशाओं की कस्तूरी
जीवन भर



नयी भोर ने
फड़फड़ाये पंख
जागी आशाएं



प्रेम देकर
उसने पिला दिए
अमृत घूँट



थका किसान
उतर आई साँझ
सहारा देने



किसे पुकारें
मायावी जगत में
बौराये लोग



बनाता रहा
बहुत-सी दीवारें
बैरी समाज



दम्भी आंधियाँ
गिरा गयीं दरख़्त
घास को नहीं



ढूँढते मोती
किनारे बैठ कर
सहमे लोग



इन्द्रधनुष
सुसज्जित गगन
मोहित धरा



सुबह आई
कलियों ने खोल दीं
बंद पलकें



खोल घूँघट
सहसा मुस्करायी
प्रकृति वधु


- त्रिलोक सिंह ठकुरेला
 
रचनाकार परिचय
त्रिलोक सिंह ठकुरेला

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