प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मई 2017
अंक -45

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

अच्छा भी होता है
शाबाश, अंबिकापुर!
 
      
 
देश में दो लाख आबादी वाले शहरों की स्वच्छता में अंबिकापुर पूरे देश में पहला शहर बन गया है। वहीं देश भर के चार सौ चौतीस शहरों में अंबिकापुर को पंद्रहवाँ स्थान मिला है। यह छत्तीसगढ़ का पहला शहर है, जिसने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया। गत 4 मई 2017 को दिल्ली में शहरी विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अंबिकापुर नगर निगम को केंद्रीय मंत्री श्री वेंकैय्या नायडू ने दो लाख तक की आबादी वाले शहरों में प्रथम और 434 शहरों में पंद्रहवाँ शहर घोषित किया। साथ ही प्रथम स्थान हासिल करने पर महापौर डॉ. अजय तिर्की, नगरीय निकाय के सचिव रोहित यादव और कमिश्नर एस. के. सिंगरौल को सम्मानित किया। इस अवसर पर निगम के अधिकारी सुनील सिंह और स्वच्छता अभियान के प्रभारी रितेश सैनी भी उपस्थित थे।
 
अथक परिश्रम और लगन के कारण ही यह अवार्ड संभव हो पाया है। आज से दो वर्ष पहले एक अभियान के तहत तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती ऋतु सेन ने इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने आमिर खान के शो 'सत्यमेव जयते' के एक एपिसोड से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया था। उन्होंने इस एपिसोड में शामिल के. सी. श्रीनिवासन से संपर्क किया और फिर उनके सहयोग से 'सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट' के लिए एक कार्य योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने अंबिकापुर के आसपास की लगभग चार सौ तीस महिलाओं का एक समूह बनाया और उन्हें ट्रेनिंग दिलाई। लगातार ट्रेनिंग के बाद इन महिलाओं को तैयार किया गया। शुरुआती दिनों में महिलाएँ कचरा ढोने के काम को लेकर बहुत असमंजस में थीं फिर उन्होंने ऋतु सेन से प्रेरणा लेकर इसे करना प्रारंभ किया। अम्बिकापुर के विधायक श्री टी. एस. सिंहदेव, महापौर डॉ. अजय तिर्की, नगर निगम के पार्षद, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और शहर के नागरिकों के सहयोग से आज यही महिलाएँ देश में अंबिकापुर का नाम रौशन कर रही हैं। साथ ही अब हर माह कचरे से आय भी प्राप्त कर रहीं है। इन महिलाओं को बताना नहीं पड़ता है कि उन्हें क्या करना है। ये स्वयं ही सुबह निकलती हैं और हर घर से सूखा और गीला कचरा लेती हैं। फिर उसे 17 SRLM सेंटर पहुँचाकर उसकी छँटाई करती है। गीले कचरे से खाद और बायो गैस बनने लगा है और ठोस कचरे की संसाधन के रूप में बिक्री होने लगी है। इस कार्य को देखने और समझने के लिए देश के विभिन्न गाँवों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी अंबिकापुर आने लगे हैं। अंबिकापुर के इस मॉडल को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में लागू किया गया है।
 
वर्तमान कलेक्टर श्री भीम सिंह ने भी इस काम को अपने हाथों में लिया है और स्वयं महिलाओं को बल देने के लिये शहरों में निकले और नागरिकों से हर माह यूज़र्स चार्जेज देने का आग्रह किया। आप साथ ही स्वच्छता के लिए लोगों को सजग और प्रेरित कर रहे हैं।
आज जबकि अंबिकापुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे देश में नाम रौशन किया है, इससे सभी अंबिकापुर निवासी अत्यधिक प्रसन्न हैं। ज्ञातव्य रहे, इस उपलब्धि का प्रमुख कारण प्रशासन को लोगों का लगातार सहयोग मिलना भी रहा है। 
नगर निगम अंबिकापुर को इन्ही कारणों से लगातार 2 बार स्कॉच अवार्ड भी मिल चुका है। फ़रवरी 2017 मे जब स्वच्छ भारत मिशन की quality council of India की टीम यहाँ सर्वे के लिए आई थी तब उसने भी यहाँ के काम की तारीफ़ की थी तब से ऐसा लगने लगा था कि अंबिकापुर को पुरस्कार मिलेगा। 
 
    
 
* केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वे में प्रथम आने के मुख्य कारण निम्नांकित हैं-  
 
1.  17 जगहों पर कचरों को अलग-अलग करने के लिये SRLM सेंटर की स्थापना और डोर-टू-ड़ोर कचरा संग्रह के बाद करीब साल भर पहले ही शहरों से कचरा कंटेनर हटा दिया गया है।
 
2. स्वच्छता सर्वे से पहले ही अंबिकापुर नगर निगम ODF (Open Defecation free) खुले मे शौच मुक्त घोषित हो चुका था। 
 
3. देश मे पहला पुरस्कार मिलने के पीछे यहाँ का Waste management model रहा है। PMO  कार्यालय के अलावा केंद्र की सर्वे टीम ने इसकी सराहना की है। केंद्र सरकार इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की तैयारी में है। 
 
4. अंबिकापुर पूरे देश का संभवतः एकमात्र शहर है जहाँ पर डंपिंग यार्ड नहीं है। 50 सालों से बिलासपुर रोड में निगम का डंपिंग यार्ड था लेकिन निगम की मेहनत और ऋतु सेन की सोच के कारण आज यह डंपिंग यार्ड एक खूबसूरत गार्डन में बदल चुका है। चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है। यहाँ पर ऐसे कचरों का निपटारा होता है जिसका निपटारा SRLM सेंटर मे नहीं हो पाता है। 
 
5. शहर के नागरिकों ने स्वच्छता सर्वे को लेकर जागरूकता दिखाई, स्वच्छता एप्प को डाउनलोड करने के मामलों में उन्होंने देश के बाकी शहरों को पीछे छोड़ दिया था। 
 
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी ने अवार्ड मिलने पर कहा कि "इस अवार्ड से न केवल अंबिकापुर का गौरव बढ़ा है बल्कि प्रदेश भी गौरवान्वित हुआ है।"
सरगुजा के कलेक्टर श्री भीम सिंह जी ने कहा कि "इस पुरस्कार के लिये शहर के लोग व अभियान से जुड़े लोग धन्यवाद के पात्र है। उनके सहयोग से ही यह संभव हुआ है।" 
महापौर डॉ अजय तिर्की जी का कहना था कि "देश भर में पहला स्थान शहरवासियों और उन महिला वर्कर्स को समर्पित है जिनके भरोसे पूरे शहर मे कचरा संग्रह का काम हो रहा है।" उन्होंने इस सफलता का श्रेय अभियान से जुड़े निगम के सभी पार्षद, अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला प्रशासन और अंबिकापुर के नागरिकों को दिया है।

 


- सय्यद अख्तर हुसैन
 
रचनाकार परिचय
सय्यद अख्तर हुसैन

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