प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
अप्रैल 2017
अंक -37

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा
साझा काव्य संग्रह 'काव्याक्षर' एवं 'काव्य सुरभि' का विमोचन
 
 
 
 
पर्पल पेन सृजनात्मक समूह द्वारा प्रकाशित साझा काव्य संग्रहों 'काव्याक्षर' व 'काव्य सुरभि' का भव्य विमोचन, रविवार दिनांक 09 अप्रैल, 2017 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर ऐनेक्सी, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर श्री मंगल नसीम, प्रसिद्ध कवि व आकाशवाणी के पूर्व महानिदेशक श्री लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, वरिष्ठ साहित्यकार श्री नरेश शांडिल्य व सुविख्यात कवयित्री सुश्री ममता किरण के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। समूह की संस्थापक एवं संचालक वसुधा 'कनुप्रिया' द्वारा संपादित दोनों संग्रहों में 55 रचनाकारों की कविताएँ संकलित हैं।
 
काव्याक्षर में सर्व श्री/सुश्री कमल कांत शर्मा,  डॉ गुरविंदर बांगा, अनु शर्मा पांडे, श्रीराम मूर्ति व वसुधा 'कनुप्रिया' की रचनाएँ हैं। इन सभी ने काव्य पाठ भी किया। हिंदी  साहित्य के प्रचार-प्रसार व हिंदी भाषा के संवर्धन के लिये प्रयासरत पर्पल पेन समूह ने भारत के विभिन्न राज्यों से 55 रचनाकारों की कविताएँ बिना सहयोग राशि के प्रकाशित की, जिनमें समसामयिक विषयों व सामाजिक कुरीतियों से लेकर प्रेम, आध्यात्म, दर्शन आदि विभिन्न विषयों पर भावपूर्ण व सार्थक रचनाएँ प्रस्तुत की गई हैं। इस प्रयास के लिये सभी गणमान्य अतिथियों ने वसुधा 'कनुप्रिया' की प्रशंसा की व भविष्य के लिये शुभकामनाएँ दीं।
 
उस्ताद शायर श्री मंगल नसीम ने नवोदित रचनाकारों को ग़ज़ल लेखन संबंधित जानकारी देते हुए एक सच्चे गुरु की तरह उनका पथ प्रदर्शन किया व हौसला बढ़ाया। आपने अपनी ग़ज़लों के शेर कुछ यूँ  पढ़ें-
 
बुलंदियों पे पहुँचने का है ग़ुरूर जिन्हें
वो ये भी जान लें आगे ढलान बाक़ी है
 
जहां में कितने सिकंदर नेपोलियन आये
भला किसी का भी कोई निशान बाक़ी है
 
शानदार अंदाज़ में अपनी लाजवाब शायरी से मुख्य अतिथि श्री मंगल नसीम ने कार्यक्रम को ऊँचाई प्रदान की।
 
अध्यक्षीय भाषण में श्री लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने दोनों पुस्तकों पर अपनी समीक्षात्मक टिप्पणियाँ देते हुए नये रचनाकारों को कविता सृजन संबंधित उपयोगी बातें बताईं। श्रोताओं के आग्रह पर उन्होंने कुछ माहिया भी सुनाये।
वरिष्ठ साहित्यकार व प्रसिद्ध दोहाकार श्री नरेश शांडिल्य ने भी दोनों पुस्तकों पर अपनी सार्थक समीक्षा देते हुए अपने कुछ सुंदर और सार्थक दोहे पढ़े।
विशिष्ट अतिथि कवयित्री ममता किरण ने अपनी सबसे मशहूर रचना 'इंतज़ार' के साथ-साथ तरन्नुम में एक ग़ज़ल भी पढ़ी।
 
इस अवसर पर पर्पल पेन समूह की ओर से साहित्य के प्रचार और संवर्धन में संलग्न तीन मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया गया। लखनऊ व दिल्ली से प्रकाशित समाचार पत्र 'ट्रू टाइम्स' के संपादक श्री राजेश्वर राय को व 'ट्रू मीडिया' के संपादक श्री ओम प्रकाश प्रजापति को 'साहित्य साधक सम्मान' प्रदान किया गया। भोपाल से प्रकाशित दैनिक लोकजंग के संपादक श्री सैफुद्दीन सैफ़ी यह सम्मान आगामी कार्यक्रम में ग्रहण करेंगे।
 
काव्याक्षर संग्रह के रचनाकारों अनु शर्मा पांडे, कमल कांत शर्मा, शैलेश गुप्ता, डॉ गुरविंदर बांगा, श्रीराम मूर्ति को 'साहित्य केतु सम्मान' के अंतर्गत मोती की माला, अंगवस्त्र, ट्राॅफी व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। काव्य सुरभि संग्रह में व इस लोकार्पण में सम्मिलित लगभग 25 रचनाकारों को 'काव्य सुरभि सम्मान' प्रदान किया गया।
 
कार्यक्रम के आरंभ में विशेष रूप से उपस्थित, विभिन्न सृजनात्मक मंचो के संस्थापकों व संचालकों का भी सम्मान किया गया, जिनमें सर्व श्री राम किशोर उपाध्याय, सुरेश पाल वर्मा जसाला, डाॅ चंद्रमणि ब्रह्मदत्त, त्रिभवन कौल, नित्यानंद तिवारी प्रमुख हैं।
मंचासीन सभी सम्मानित अतिथियों ने रचनाकारों का उत्साहवर्धन किया व शुभकामनाएँ दीं। आदरणीय अतिथियों को भेंट देने के पश्चात पर्पल पेन की संस्थापक सुश्री वसुधा कनुप्रिया ने उपस्थित सभी गुणीजनों के प्रति आभार प्रकट किया।

- आज़र ख़ान