प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मार्च 2017
अंक -43

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा

राजकुमार जैन 'राजन' को डॉ. राष्ट्रबन्धु सम्मान

 



कानपुर, भारतीय बाल कल्याण संस्थान, कानपुर के तत्वावधान में आयोजित 58 वें सम्मान समारोह में आकोला, चित्तोड़गढ़ (राजस्थान) के सुप्रसिद्ध साहित्यकार राजकुमार जैन 'राजन' को  प्रतिष्ठित  'डॉ. राष्ट्रबन्धु स्मृति सम्मान' से सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर के भव्य सभा कक्ष में, रविवार 26 फरवरी 2017 को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं  'नव निकष' के संपादक डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र, विशिष्ठ अतिथि के रूप में पं. राम कृष्ण तेलँग, रामनाथ महेंद्र एवं कमलकिशोर उपस्थित थे।


इस अवसर पर बाल साहित्य सृजन, बाल कल्याण एवं बाल साहित्य उन्नयन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय उल्लेखनीय कार्यों के लिए संस्थान के मुख्य सम्मान 'राष्ट्र बन्धु स्मृति सम्मान' से राजकुमार जैन राजन को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र,  श्रीफल व नगद धन राशि भेंट कर सम्मानित किया।
इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में राजन को विशिष्ठ अतिथि के रूप में मंचस्थ होने का सम्मान भी प्रदान किया गया। अपने उद्बोधन में राजन ने कहा कि आज का बालक बीस-तीस वर्ष पुराना बालक नहीं रह गया है। वह आज आभासी दुनिया की चकाचौंध में खोया हुआ है एवं वास्तविक दुनिया से दूर होने के कारण एकाकी, चिड़चिड़ा व संस्कारहीन होता जा रहा है। आज चहुँओर साइबर दुनिया का कीचड़ फैला हुआ है। बाल साहित्यकारों का दायित्व है कि वे बच्चों को कीचड़ में से मोती चुनना सिखाये। बच्चों को बाल साहित्य से जोड़ना आज की महत्ती आवश्यकता है। बाल साहित्य ही संस्कार साहित्य है, जो बच्चों को जीवन निर्माण सिखाता है।


उन्होंने कहा कि बाल साहित्य की सच्ची सेवा तभी होगी, जब हम बाल साहित्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पत्र-पत्रिकाओं, संस्थाओं, साहित्य सेवियों को तन, मन, धन से सहयोग करें और बाल साहित्य अधिकाधिक बालकों तक पहुँचने में सहभागी बने।
ज्ञातव्य है कि राजन की अब तक 25 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं एवं कई पत्रिकाओं के संपादन से भी आप जुड़े हुए हैं। आपको देश भर की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा 100 से भी अधिक सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। आपके द्वारा बाल साहित्य उन्नयन एवं बाल कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। आपके द्वारा कई पुरस्कारों की स्थापना भी की गई है।


लक्ष्मी खन्ना सुमन (नैनीताल), महेश मेनारिया मिलन (आकोला), डॉ. इरफान ह्यूमन (शाहजंहापुर), राकेश चक्र (मुरादाबाद), आद्या प्रसाद सिंह (सुल्तानपुर) आदि को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
संस्थान अध्यक्ष एस. बी. शर्मा ने संस्थान के बारे में जानकारी देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।


- मुदस्सिर अहमद भट्ट
 
रचनाकार परिचय
मुदस्सिर अहमद भट्ट

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