प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मार्च 2017
अंक -45

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा

पाठक मंच बुक क्लब की परिचर्चा

 



छिंदवाड़ा, स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही वीर सावरकर की पुण्य स्मृति पर प्रसिद्ध लेखक विजय बहादुर सिंह द्वारा भवानी प्रसाद मिश्र पर केंद्रित 'कविता की स्वदेशी तेजस्विता' पर लिखी पुस्तक में पाठक मंच बुक क्लब ने रविवार को नगर के साहित्यकरों और पाठकों के मध्य परिचर्चा कराई। हिंदी प्रचारिणी समिति में आयोजित इस परिचर्चा की अध्यक्षता डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव ने की तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी प्रसाद दुबे थे।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में कवि शिवशंकर शुक्ल ने भवानी प्रसाद मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भवानी प्रसाद मिश्र सामाजिक चेतनाओं को झकझोरने वाले प्रेम और करुणा को सहेजते हुए विद्रोही स्वर के कवि थे। उनकी कविताओं में लोक मन की अभिव्यक्ति होती थी। वे किसी वैचारिक सम्प्रदाय के कवि नही थे।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए साहित्यकार रंजीत सिंह परिहार ने भवानी प्रसाद मिश्र के रचनात्मक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ समीक्षक शिवराम विश्वकर्मा उजाला ने कहा कि भवानी प्रसाद मिश्र बहुमुखी प्रतिभा के धनी और निर्भीक कवि थे, जिसका आकर्षण अलग था। लेखक का लेखन सराहनीय है। उमेश वर्मा दीनबंधु, सुरेंद्र वर्मा, रत्नाकर रतन ने कृति की सराहना की। डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव ने इसे लेखक का सफल प्रयास कहा।

इस दौरान कार्यक्रम में वैभव पार्से, सुभाष कलसुले, नवोदित कवयित्री वैष्णवी पार्से विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में वैष्णवी पार्से ने वीर सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके व्यक्तित्व और स्वतंत्रता में योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की सफलता पर मंच के संयोजक विशाल शुक्ल ने सबका आभार व्यक्त किया।


- आज़र ख़ान