नवम्बर 2016
अंक - 20 | कुल अंक - 53
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

गीत-गंगा

बालगीत- खेलें खेल


आओ! मिलकर खेलें खेल
मैं दौडूँगा इंजिन बनकर
रहें बीच में डब्बे बच्चे
गार्ड रहेगा सबसे पीछे
आपस में रखना है मेल
आओ! मिलकर खेलें खेल

सीटी बजी भागना हमको
आपस में बतियाना मत
कोई उतर नहीं पायेगा
जब तक खड़ी न होगी रेल
आओ! मिलकर खेलें खेल

यह बंगाली गीत सुनाये
उसे माहिया गाना है
तिरक्कुरल, आल्हा, कजरी सुन
कोई करे न ठेलमठेल
आओ! मिलकर खेलें खेल

खेल कबड्डी, हॉकी, कैरम
मुक्केबाजी, तैराकी
जायेंगे हम भी ओलंपिक
पदक जीतने, क्यों हों फेल?
आओ! मिलकर खेलें खेल

योगासन, व्यायाम करेंगे
अनुशासित करना व्यवहार
पौधे लगा, स्वच्छता रख हम
दूध पियें, खाएंगे भेल
आओ! मिलकर खेलें खेल


- संजीव वर्मा सलिल

रचनाकार परिचय
संजीव वर्मा सलिल

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गीत-गंगा (2)