प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
अक्टूबर 2016
अंक -38

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

विशेष

'चाँद अब हरा हो गया है' प्रेम कविता-संग्रह एंड्राइड एप्लीकेशन के रूप में

अनामिका कनोजिया 'प्रतीक्षा' और के. पी. अनमोल की प्रेम-कविताओं का संग्रह 'चाँद अब हरा हो गया है' अब हिंदी कविता के पाठकों के लिए गूगल प्ले स्टोर पर नि:शुल्क उपलब्ध है। एक एंड्राइड एप्लीकेशन के रूप में निर्मित यह प्रेम कविता संग्रह पाठकों के लिए एक अनूठी सौगात है।
मात्र 5 एम.बी. से भी कम डाटा का यह एप अपने स्मार्टफ़ोन में गूगल प्ले स्टोर से आसानी डाउनलोड किया जा सकता है।


यह संग्रह तीन भागों में है-
1. सिर्फ़ तेरे लिये- इसमें अनमोल और प्रतीक्षा की एक दूसरे के जवाब के रूप में लिखी 31 कविताएँ हैं।
2. कुछ तेरा, जो मेरा है- इस भाग में प्रतीक्षा की लिखी कुल 23 कविताएँ सम्मिलित हैं।
3. तुम्हारे ही लिए- इसमें अनमोल की लिखी कुल 23 कविता, गीत, ग़ज़लें आदि सम्मिलित हैं।

 


इस संग्रह के एप्लीकेशन को तैयार किया है अलवर के चर्चित तकनीक-गुरु और शिक्षक इमरान ख़ान ने। आप इस लिंक पर जाकर यह संग्रह डाउनलोड कर सकते हैं-

http://https://play.google.com/store/apps/details?id=com.gktalk.chandhara


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