प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
जनवरी 2016
अंक -34

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा
के.पी. अनमोल की लघुकथा 'बचाव' को जयपुर की साहित्यिक संस्था 'साहित्य समर्था' द्वारा श्रेष्ठ लघुकथा सम्मान
 
 
 
 
 
जयपुर की साहित्यिक संस्था 'साहित्य समर्था' द्वारा आयोजित अखिल भारतीय डॉ. कुमुद टिक्कू लघुकथा प्रतियोगिता में के.पी. अनमोल की एक लघुकथा 'बचाव' का श्रेष्ठ लघुकथा के रूप में चयन किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार 17 जनवरी, 2015 को पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर में आयोजित एक सम्मान समारोह में प्रख्यात कथाकार चंद्रकांता, हिन्दी व राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व निदेशक जयपुर दूरदर्शन श्री नन्द भारद्वाज व वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व संयुक्त निदेशक काॅलेज शिक्षा निदेशालय डाॅ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल की उपस्थिति में दिया गया। इस आयोजन में देशभर के 51 अन्य साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चंद्रकांता जी और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा थीं। विशिष्ट अतिथि नंद भारद्वाज और डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष प्रो. पवन सुराणा ने की। प्रतियोगिता निर्णायक डॉ. सुदेश बत्रा थीं।
गत चार वर्षों से 'साहित्य समर्था' पत्रिका द्वारा अब तक देश के 200 साहित्यकारों को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया है। हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार व हिन्दी साहित्य के प्रति आमजन की रूचि उत्पन्न करना साहित्य समर्था का ध्येय रहा है।
विशिष्ट साहित्यकार पुरस्कार 2015 चंद्रकांता जी को उनकी आजीवन उपलब्धियों हेतु प्रदान किया गया।
के.पी. अनमोल की पुरस्कृत लघुकथा आज के समय में महिलाओं के लिए असुरक्षित वातावरण का चित्रण करती है और उसका हल भी बताती है। अनमोल मूलत: एक ग़ज़लकार हैं। इनकी ग़ज़लें व कविताएँ देश भर से निकलने वाली साहित्यिक पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित होती रहती है। ये 'हस्ताक्षर' नामक एक साहित्यिक वेब पत्रिका का संपादन भी कर रहे हैं।

- आज़र ख़ान