प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
नवम्बर-दिसम्बर 2015 (संयुक्तांक)
अंक -33

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

सलाम, इमरान!
 सलाम, इमरान!
 
 
 
'मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो, कि सफलता शोर मचा दे', इन शब्दों को न जाने कितनों ने, कितनी बार पढ़ा होगा लेकिन इन्हें आत्मसात करने वाले विरले ही होते हैं. इमरान खान को इन्हीं विरलों की श्रेणी में देखना एक असीम आनंद की अनुभूति देता है।
'भारत इमरान जैसे युवाओं में बसता है', लंदन के वेम्ब्ले स्टेडियम में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कहे गए इन शब्दों को सुनकर ह्रदय में असीम प्रसन्नता की लहर दौड़ गई। इमरान खान जी की मेहनत, लगन, कर्मठता और कल्पनाशीलता के तो हम सभी सदैव ही क़ायल रहे हैं लेकिन उसका इतना सुखद परिणाम देखकर जिस गर्व की अनुभूति हुई, उसे शब्दों में व्यक्त कर पाना असंभव है। गर्व, सिर्फ़ इसलिए ही नहीं कि वे हमारी टीम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं बल्कि इसलिए भी है कि एक भारतीय युवा की निःस्वार्थ मेहनत सफल हुई। आज उन्हें बड़ी सरकारी नौकरी,BSNL की मुफ़्त इंटरनेट सेवा, कई नामी संस्थानों के लिए काम करने का आग्रह, पुरस्कार और न जाने कितनी ही उपलब्धियाँ हासिल हुईं हैं पर जितना मैं उन्हें जानती हूँ और मेरी स्वयं की सोच भी यही है कि एक कलाकार के लिए भौतिक सुख-सुविधाएँ उतना मायने नहीं रखतीं जितनी कि उसकी प्रतिभा को मिली सराहना। यही प्रोत्साहन, सही दिशा में बढ़ने का आश्वासन प्रत्येक इंसान को प्रेरणा देता है और उसे सकारात्मक ऊर्जा से भर नित नए प्रकाश-पुंज की तरफ ले जाने में सहायक सिद्ध होता है। उनको मिली हर सराहना, मन-मस्तिष्क को हर्षोल्लास से भर गर्व से सिर ऊँँचा कर देती है।
 
पिछले तीन वर्षों से हमारी वेब पत्रिकाओं की डिजाइनिंग और तकनीकी विभाग को इमरान जी ने सशक्त और बेहतरीन ढंग से संभाला है। 'हस्ताक्षर' में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है और हमें आशा है कि उनके सुरुचिपूर्ण एवं तकनीकी ज्ञान की छत्रछाया में यह पत्रिका अब और भी निखरेगी। इमरान जी की प्रतिभा, समर्पणशीलता और android apps के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए 'हस्ताक्षर' टीम ने उनका आप सभी से साक्षात्कार करवाने का प्रयत्न कई दिनों पहले से ही प्रारम्भ कर दिया था, लेकिन उनकी अत्यधिक व्यस्तता और समयाभाव के कारण यह संभव न हो सका. लेकिन आज मुझे इस बात के समय पर न हो पाने का अफ़सोस नहीं बल्कि अपार प्रसन्नता है कि उनका परिचय प्रधानमंत्री जी ने पूरे जोर-शोर के साथ विश्व को दिया।
 
'हस्ताक्षर' की ओर से उनके अपने, इमरान को दिली बधाई और अनेकानेक शुभकामनायें! 
आपको यूँ ही हजारों सफलता मिलती रहें और कर्म पथ पर आप इसी उत्साह से सदैव अग्रसर रहें।
 
मोहम्मद इमरान खान, अलवर के  संस्कृत विद्यालय में गणित के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
इनकी उपलब्धियों एवं शिक्षा के क्षेत्र में  सराहनीय कार्यों पर एक नज़र ( विभिन्न लिंक्स से प्राप्त जानकारी ) -
1. शैक्षणिक एंड्राइड एप्स का निर्माण 
 श्री खान द्वारा टेबलेट PC में इंस्टाल किये जाने वाले शैक्षणिक एप्स का निर्माण किया गया है।  ये एप्स स्व-शिक्षण को बढ़ावा देते है, शिक्षण सहायक सामग्री के रूप में उपयोग किये जा सकते हैं। किसी शिक्षक द्वारा इस प्रकार के एप्स बनाने का यह देश भर में प्रथम प्रयास है। अब तक श्री खान द्वारा निर्मित 42+ एप्स को लगभग 30 लाख से अधिक छात्रों द्वारा अपने एंड्राइड में इनस्टॉल किया जा चुका है। ये एप्स एंड्राइड प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध हैं। 
 
2. 50 विद्यालयों की वेबसाइटस का निर्माण
श्री खान द्वारा एक नवाचार के रूप में श्रीमान जिला कलेक्टर अलवर के मार्गदर्शन में अलवर के 3100+ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूचना रखने वाले एक पोर्टल (WWW.ALWARSCHOOLS.ORG) का निर्माण किया गया है। इस हेतु उन्होंने विद्यालयी वेबसाइट निर्माण के लिए एक CMS (CONTENT MANGEMENT SYSTEM) का और अलवर के 50 विद्यालयों की वेबसाइटस का निर्माण भी किया है। 
* यह पोर्टल 2 लाख से अधिक  पृष्ठ दर्शन प्राप्त कर चुका है। 
* इन वेबसाइटस पर कुल 1215 पृष्ठ व 1165 चित्र प्रदर्शित किये गए हैं। 
* इस पोर्टल व उक्त उल्लेखित एप्स का प्रदर्शन पूर्व जिला कलेक्टर श्री आशुतोष ए.टी. पेद्नेकर के नेतृत्व में श्री खान द्वारा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में किया गया। 
साथ ही इनका प्रदर्शन नवाचार के रूप में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उदयपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार (मुख्य अभियंता, SSA व ऑडिट ऑफिसर्स) में किया गया। 
 
3. विद्यालय में जन सहयोग को बढ़ावा 
विद्यालय में ग्रामीण व भामाशाहों को प्रेरित कर निम्न कार्य कराये गए हैं -
* इब्तिदा NGO के माध्यम से जिले के विभिन्न विद्यालयों में 38.99 लाख के कार्य 
* विद्यालय परिसर में मिट्टी डालने का कार्य व समतलीकरण (200 ट्राली रेत लागत लगभग 1 लाख रूपये) समस्त राशि ग्रामीणों द्वारा एकत्रित व खर्च की गयी। 
* विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं हेतु केशवानंद शिक्षण संस्थान के सौजन्य से विद्यालय पोशाक वितरण ( कुल 135 पोशाकें राशि लगभग 50,000 रूपये)
 
4. अन्य वेबसाइट निर्माण व लेखन कार्य 
इमरान जी को सामान्य ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी विषय पर लेखन में रुचि हैं। इनके द्वारा  लिखे गए सामान्य ज्ञान से सम्बंधित लेख www.gktalk.com व www.rpscgk.in पर व बालोपयोगी लेख www.sahityaraini.comhttp://gyanmanzari.com  व www.teachersofindia.org पर देखे जा सकते हैं। सूचना तकनीक से सम्बंधित लेख Times Of India में भी प्रकाशित हुए हैं | इमरान जी द्वारा बनाई गयी व नियमित रूप से अद्यतन की जा रही वेबसाइट निम्न हैं -
इनके आलेख 'हस्ताक्षर' मासिक वेब पत्रिका में भी पढ़े जा सकते हैं। 
 
5. शिक्षण में नवाचारों का प्रचार व प्रसार 
* श्री खान ने डाइट अलवर में ई.टी. प्रभाग के अधीन शिक्षकों हेतु वेबसाइट निर्माण व अद्यतनीकरण ट्रेनिंग में सन्दर्भ व्यक्ति के रूप में कार्य किया। साथ ही TLM निर्माण व कैरियर गाइडेंस कार्यगोष्ठी में सन्दर्भ व्यक्ति के रूप में कार्य किया। 
* Use of IT in Education विषय पर IAS Academy मसूरी में प्रदर्शन
* सर्व शिक्षा अभियान की उदयपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में Project EKTA व शिक्षा में नवाचार के प्रदर्शन
* मानव संसाधन विकास मंत्रालय की SSA सेमिनार, दिल्ली में एप्स का प्रदर्शन
 
6. विशेष 
* गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक योग्यता पुरुस्कार 2012, 2014
* डाइट,अलवर में आयोजित 2013 जिला स्तरीय शिक्षक  क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान 
* पर्यावरण दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान
* 'प्रोजेक्ट एकता' में सक्रिय सहयोग हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति-पत्र 
 

 


- प्रीति अज्ञात
 
रचनाकार परिचय
प्रीति अज्ञात

पत्रिका में आपका योगदान . . .
हस्ताक्षर (33)कविता-कानन (1)ख़ास-मुलाक़ात (9)मूल्यांकन (1)ग़ज़ल पर बात (1)ख़बरनामा (12)व्यंग्य (1)संदेश-पत्र (1)विशेष (2)'अच्छा' भी होता है! (2)फिल्म समीक्षा (1)