प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
नवम्बर-दिसम्बर 2015 (संयुक्तांक)
अंक -42

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा

अंतर्राष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी ‘जश्ने-ग़ज़ल’ में ग़ज़ल संग्रह ‘ज़िन्दगी के साथ चलकर देखिये’ का विमोचन

 

 

 

दिनाँक 10-12 अक्टूबर 2015 के दरमियान ‘अंतर्राष्ट्रीय ग़ज़ल अकादमी’ के तत्वाधान में अंजुमन प्रकाशन के सौजन्य से अंतर्राष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी ‘जश्ने-ग़ज़ल’ का आयोजन हिन्दुस्तानी अकादमी, इलाहाबाद में किया गया। जिसके पहले दिन कार्यक्रम के अध्यक्ष मुह्तरम जनाब एम. ए. कदीर साहब थे। आयोजन का उद्घाटन मुख्य अतिथि उर्दू अदब की नामवर हस्ती पद्मश्री मुह्तरम जनाब शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी द्वारा हुआ। जनाब क़दीर साहेब के प्रारंभिक उद्बोधन के बाद ग़ज़ल पर जनाब फ़ारूक़ी साहब ने अपनी बात रखी। उसके बाद अंजुमन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित अन्य किताबों के साथ ग़ज़ल संग्रह ‘ज़िन्दगी के साथ चलकर देखिये’ का विमोचन पद्मश्री मुह्तरम जनाब शम्सुर्रहमान फ़ारुक़ी जी के हाथों हुआ।

इस दौरान फ़ारूक़ी साहब के अलावा श्री यश मालवीय, मुह्तरम कदीर साहब, विशिष्ट अतिथि नेपाली भाषा के मूर्धन्य ग़ज़लकार श्री ज्ञानुवाकर पौडेल, श्री आबाज शर्मा एवं अंजुमन प्रकाशन के श्री वीनस केसरी भी मौजूद थे। श्री रविनंदन सिंह जी ने किताब पर परिचर्चा के दौरान इस किताब पर अपने विचार रखे।


- आज़र ख़ान