जनवरी 2020
अंक - 56 | कुल अंक - 56
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

साहित्यिक संस्थाएँ
साहित्य, कला एवं संस्कृति की संस्था कर्मभूमि
 
 
10 अक्टूबर 2019 को 'कर्मभूमि' के प्रथम अध्याय का शुभारम्भ हुआ। 'कर्मभूमि' की स्थापना ब्लॉगर, हस्ताक्षर वेब पत्रिका की संस्थापक-संपादक प्रीति 'अज्ञात' और अंग्रेज़ी भाषा की ब्लॉगर, उद्यमी नीरजा भटनागर के संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल है। यह संस्था साहित्य, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सकारात्मक कार्य कर रही है। संस्था का अपना पुस्तकालय भी है। साथ ही यह अपने कार्यक्रमों में पुस्तकों के विक्रय के लिए भी स्थान उपलब्ध कराती है। कर्मभूमि-अहमदाबाद की आगामी योजनाओं में, समाज सेवा के क्षेत्र में विविध कार्यक्रम शामिल हैं। 
 
अभी तक इस संस्था के तीन सफल कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। प्रथम कार्यक्रम में संस्था के पोस्टर और लोगो विमोचन के साथ इसके साहित्यिक साथी 'हस्ताक्षर' का विस्तृत परिचय दिया गया एवं कर्मभूमि  के उद्देश्य तथा साहित्य, कला एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को श्रोताओं के समक्ष रखा गया। सभी की जिज्ञासाओं के समुचित उत्तर भी दिए गए।
इसी आयोजन में मल्लिका मुखर्जी की पुस्तक 'यू एन्ड मी...द अल्टिमेट ड्रीम ऑफ़ लव' (लेखक द्वय: मल्लिका मुखर्जी, अश्विन मॅकवान) पर रोचक चर्चा हुई। सुप्रसिद्ध गीतकारा मधु प्रसाद जी एवं ग़ज़लकारा निशा सिंघल जी द्वारा रचनापाठ भी किया गया जिसे श्रोताओं की ख़ूब सराहना मिली। 
 
10 नवम्बर 2019 को 'कर्मभूमि फाउंडेशन' के द्वितीय अध्याय में अतिथि तनुश्री काप्ता ने 'वास्तु और पंचतत्त्वों' के बारे में बेहद उम्दा जानकारी दी। वास्तु क्या है?, वास्तु क्यों है? हमारे परिवेश पर वास्तु का क्या प्रभाव पड़ता है? यह हमारे जीवन को किस तरह प्रभावित करती है यहाँ तक कि अलग-अलग शहरों पर यह किस तरह अपना प्रभाव डालती है। इन सब बातों को समझाते हुए उन्होंने वास्तु से जुड़ी तमाम भ्रांतियों को दूर करने में भी मदद की। विशेष बात यह थी कि उन्होंने न केवल सारे तथ्य वैज्ञानिक आधार पर रखकर सिद्ध किये बल्कि रोज़मर्रा की ज़िन्दग़ी से उदाहरण लेकर परिचर्चा को अत्यन्त रोचक बना दिया। सभी श्रोताओं ने इसका ख़ूब आनंद उठाया एवं प्रश्नोत्तरी में खुलकर भाग लिया।
 
 
14 दिसम्बर 2019 को 'कर्मभूमि अहमदाबाद' के तीसरे अध्याय 'Poetry Unplugged' का कार्यक्रम संपन्न हुआ। तीनों पीढ़ियों की उपस्थिति ने इस काव्य संध्या को नए आयाम दिए। युवाओं की रचना में जोश था तो वरिष्ठ कवियों के शब्द ज़िन्दगी के गहन अनुभव से जुड़े थे।
इस काव्यमयी संध्या का शानदार संचालन निशा सिंघल जी ने किया। प्रीति 'अज्ञात' ने हस्ताक्षर पत्रिका सम्बंधित जानकारी श्रोताओं से साझा की तथा नीरजा भटनागर ने कर्मभूमि अहमदाबाद की आगामी गतिविधियों के बारे में सूचना दी। तत्पश्चात संस्थापक द्वय प्रीति एवं नीरजा ने सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किये। इस कार्यक्रम में कर्मभूमि के वार्षिक सदस्यों मल्लिका मुखर्जी, लीना खेरिया एवं निशा सिंघल जी की पुस्तकें विक्रय के लिए उपलब्ध थीं। 
 
संस्था का आगामी कार्यक्रम 4 जनवरी 2020 को है यह सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल महिलाओं के लिए है। 
 
 
'कर्मभूमि अहमदाबाद', विविध सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म  फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम पर उपस्थित है। संस्था से जुड़ने या कार्यक्रम सम्बन्धी जानकारी मेल या व्हाट्स एप्प से भी ली जा सकती है -
9727069342, 9601951602

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