प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
फरवरी-मार्च 2019 (संयुक्तांक)
अंक -50

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

जयतु संस्कृतम्
त्वां विना जीवनं, जीवनं न प्रिये
 
त्वां विना जीवनं, जीवनं न प्रिये
त्वां विना न सुखं, नैव विश्राम: प्रिये।।
 
आगत: ऋतुराज: यदा त्वम् आवज्रम्
गतवति त्वयि गतं सर्वं सौख्यं प्रिये।।
 
न त्वं रुष्टं करोसि, त्यक्तव्य: दर्प: त्वया
शोभने! कामिननि! मानिनि! हे प्रिये।।
 
यावत् अहं तुभ्यम् न मिलामि हे प्रिये!
इतस्तत: भ्रमति मम मन: हे प्रिये।।
 
कथनं व्यक्तं करोमि,वेदना हृदयस्य
अधुना शरणं मृत्यो: श्रुणु हे प्रिये।।

- डॉ. अरुण कुमार निषाद