प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
नवम्बर 2018
अंक -44

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हाइकु
हायकु- दीपावली 
 
1-
दीपों ने किए 
अपने हस्ताक्षर,
रोशन हुए 
 
2-
नन्हे दीयों ने 
चीर दिया अँधेरा,
रोशनी खिली.   
 
3-
अम्बर गूंजा,
धरती है रोशन,
छाया उल्लास
 
4-
अन्धकार की 
पुस्तक की रोशन
नन्हे दीपों ने
 
5-
उल्लास-दीप,
प्रेम में डूबी बाती,
हिय रोशन 
 
6-
दीप हँसता,
शलभ मँडराता,
हुआ कुर्बान. 
 
7-
दीपों की माला,
सजी है घर-घर
आई दिवाली
 
हायकु-शरद 
 
1-
घना कोहरा
कोख में सुरक्षित 
प्रकाश पिंड
 
2-
ओढ़े शरद
कोहरे का कंबल
गर्माई धरा
 
3-
धुंधली धरा  
कुहासे का मफ़लर,
मार्तंड-मुख
 
4-
घना कुहासा,
बर्फीले अहसास,
कोई ना पास
 
5-
बाँध गले में,
मफ़लर धुंध का,
सोया सूरज
 
6-
दिल उदास 
छाया कुहासा मन 
रवि की आस
 
7-
क्यों छुपे हो?
धुंध के पल्लू में ,
ओ! दिवाकर  
 
 

- मंजु महिमा
 
रचनाकार परिचय
मंजु महिमा

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