हस्ताक्षर रचना
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मार्च 2015
अंक -41

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

मदन डागा साहित्य भवन में काव्यगोष्ठी का आयोजन
 
 
 
"कैसे उम्र गुजारी होगी उस पागल दीवाने ने,
जिसे दीवाना कर डाला आखों के मैखानों ने"
गाजियाबाद की प्रसिद्ध ग़ज़लकार डॉ. रमा सिंह ने यह बेहतरीन गज़ल सुनाकर डॉ. मदन डागा साहित्य भवन में काव्यमंच जोधपुर द्वारा मंगलवार 17 फरवरी को आयोजित काव्यगोष्ठी में कविता का एक खुशनुमा माहौल रच दिया। गोष्ठी में दिनेश सिंदल ने आधुनिक शब्दावली में रची ग़ज़ल "सर्च गूगल कर लिया तुमसा नहीं  दूजा प्रिये" पेश की। श्याम सुन्दर भारती, प्रेम तन्मय, फ़ानी जोधपुरी, हिंतेंद्र गोयल, प्रताप पागल ने भी खुबसूरत ग़ज़लें पेश कर वाहवाही पायी। कवि डॉ.आईदान सिंह भाटी, मुरलीधर वैष्णव, सुषमा चौहान ने चिंतन एवं सामाजिक सरोकार युक्त काव्य प्रस्तुत कर गोष्ठी को गरिमा प्रदान की। इंदौर की अंजलि सराफ ने श्रृंगारगीत और राकेश मुथा ने प्रेम कविताओं के माध्यम से प्रेम के रंग बिखेरे। शैलेन्द्र ढडढा ने "कुछ भी असंभव नहीं युद्ध और प्यार में" एवं अनिल अनवर ने शिव की आराधना में कविता पेश की। इस अवसर पर स्वाति जैसलमेरिया, दीपा राव ,सुनीता जोगेंद्र चौधरी, गीतांजलि व्यास, प्रज्ञा, मधुर परिहार, उगम सिंह राजपुरोहित, कल्याण के. विशनोई, आकाश मिड्ढा, छगन राव, विधि सिंह, वाजिद हसन काजी, अशफ़ाक फौज़दार, ओमप्रकाश गोयल और महंत डॉ.पुरी ने भी काव्य पाठ किया।
मुख्य अतिथि डॉ.रमा सिंह ने कहा की जोधपुर के नव हस्ताक्षरों में बड़ी सम्भावनायें छुपी हैं। काव्यमंच अध्यक्ष शैलेन्द्र ढडढा ने बताया की काव्यमंच नए कवियों को सामने लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम का सफ़ल संचालन मधुर परिहार और कल्याण के. विशनोई ने किया।

- के. पी. अनमोल
 
रचनाकार परिचय
के. पी. अनमोल

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