प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मार्च 2018
अंक -38

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

फिल्म-समीक्षा

अश्लीलता से युक्त नफ़रत की कहानी और आँखें सेंकने का भरपूर डोज़ मात्र है 'हेट स्टोरी- 4'
- तेजस पूनिया

 



कल शाम विशाल पंड्या निर्देशित तथा उर्वशी रौतेला, करन वाही, इहाना ढिल्लन, गुलशन ग्रोवर अभिनीत फिल्म 'हेट स्टोरी' का एक और वर्ज़न 'हेट स्टोरी- 4' देखी। फ़िल्म की शुरुआत में ही उर्वशी रौतेला तथा करन वाही दिमाग़ पर छाने लगते हैं अपनी अदायगी से किंतु सीक्वल्स के नाम पर यह फ़िल्म ऐसे लगती है जैसे कोई धारावाहिक-सा चल रहा हो। वैसे भी इस फ़िल्म के अभिनेता भी धारावाहिकों में ही अच्छे लगते हैं।

"कुदरत ने हमें नफ़रत और मोहब्बत दोनों की क़ाबिलियत दी है। लेकिन सबसे ज़्यादा जुर्रत मोहब्बत के लिए नहीं, नफ़रत के लिए लगती है।" फ़िल्म का पहला ही डायलॉग आज के ज़माने की हक़ीक़त को बयान करता है। किस तरह का हमारा समाज हो गया है और किस तरह तेजी से परिवर्तन आते चले जा रहे हैं उससे हम भली-भांति परिचित हैं।

इसके बाद के डायलॉग तो अच्छे लिखे गए हैं। किंतु फ़िल्म के गाने बेहद ही कमज़ोर हैं। पहला ही गाना तो कॉपी किया हुआ है। जो दर्शकों को याद रहता है। दूसरा गाना "बूंद-बूंद में गुम-सा है। ये सावन भी तुम-सा है।" गाना ही अंत तक याद रख पाते हैं। फ़िल्म में कुछ एक डायलॉग्स को छोड़ दिया जाए तो ख़ास ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे लेकर सिनेमा हॉल से बाहर निकला जाए। दर्शक अंत तक कहानी भी भूल जाएं तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए।

"बिस्तर के ऊपर बिछी चादर तो आसानी से बदली जा सकती है। लेकिन उस चादर में लिपटी माशूका नहीं।"
"पता नहीं मेरे होठों को तुमने क्या रिश्वत दी है, मुझसे ज़्यादा तुम्हारी सुनते हैं।"
"आसमान पर बैठाने वाले पहले बिस्तर पर लिटाना चाहते थे। इसलिए मैंने ज़मीन पर रहना चुन लिया।"
ख़ैर इन डायलॉग्स के अलावा फिल्म की संक्षिप्त कहानी यह है कि-
फिल्म की कहानी ब्रिटेन में रहने वाले दो भाइयों आर्यन खुराना (विवान भटेना) और राजवीर खुराना (करण वाही) की है। रिशमा (इहाना ढिल्लन) आर्यन की गर्लफेंड है। उन्हें अपने ब्रैंड के लिए नए चेहरे की तलाश है। राजवीर इसके लिए अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड की जगह ताशा (उर्वशी रौतेला) को तलाशता है, लेकिन आर्यन भी उस पर लट्टू हो जाता है। राजवीर और आर्यन दोनों भाई ही पैंट के बड़े ढ़ीले आदमी हैं। राजवीर और आर्यन का बाप विक्रम खुराना (गुलशन ग्रोवर) बड़ा बिज़नसमैन है, जो कि मेयर का इलेक्शन लड़ रहा है। वह आर्यन को राजवीर और ताशा को दूर रखने की ज़िम्मेदारी देता है। राजवीर ताशा को चाहता और प्रपोज़ करता है, लेकिन आर्यन उसे बाहर भेजकर ताशा को अपना बना लेता है।


यही नहीं जब रिशमा उन दोनों को साथ देख लेती है, तो वह उसकी जान ले लेता है। इंटरवल के बाद कहानी में नया मोड़ आता है और ख़ूब सारे ट्विस्ट और टर्न के बाद दर्शक फ़िल्म के जल्दी खत्म होने का इंतज़ार करता है।
समीर की लिखी कहानी 'हेट स्टोरी- 4' के बाद अब किसी भी नए सीक्वल की तलाश न की जाए तो बेहतर होगा।


- तेजस पूनिया