हस्ताक्षर रचना
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
फरवरी 2018
अंक -41

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

कविता-कानन

पहला प्यार

पहली बार
इन आँखों ने महसूस किया
हसरत भरी निगाहों को

ऐसा लगा
जैसे किसी ने देखा हो
इस नाज़ुक दिल को
प्यार भरी आँखों से

न जाने कितनी
कोमल और अनकही भावनाएँ
उमड़ने लगीं दिल में

एक अनछुए एहसास के
आगोश में समाते हुए
महसूस किया प्यार को

कितना अनमोल था
वह एहसास
मेरा पहला प्यार।


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एहसास

एक एहसास
किसी के साथ का
किसी के प्यार का
अपनेपन का

एक अनकहा विश्वास
जो कराता है एहसास
तुम्हारे साथ का
हर पल, हर क्षण

इस क्षणिक जीवन की
क्षणभंगुरता को झुठलाता
ये एहसास
शब्दों से परे
भावनाओं के आगोश में
प्रतिपल लाता है
तुम्हें नज़दीक मेरे

लौकिकता की
सीमा से परे
अलौकिक है
एहसास तुम्हारा।


- आकांक्षा यादव
 
रचनाकार परिचय
आकांक्षा यादव

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