प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
फरवरी 2018
अंक -43

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हाइकु

हाइकु 



प्रेम जुलाहा
बुने मन ही मन
रिश्तों के रूप



प्रेम की धुन
मन सरगम हो
गुनगुनाये



रंग प्रेम का
सतरंगी हो जाये
छिप न पाये



प्रेम की छाया
मन खिलखिलाया
पलकें भीगीं



मन का मोह
जीवन का श्रृंगार
प्रेम दुलारा



मन की गली
साँसों का रिश्ता प्रेम
भरे कुलाँचे



प्रेम से बाँधा
दुआओं का धागा जो
मन्नत हुआ



रिश्तों की उम्र
प्रेम से बढ़ती है
माँ ये कहती



प्रेम की डोर
मन से मन तक
बंधे बेजोड़



प्रेम प्रतीक
राधा कृष्ण का नाम
वंदन कर


- सीमा सिंघल सदा
 
रचनाकार परिचय
सीमा सिंघल सदा

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