प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
जनवरी 2018
अंक -37

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

ख़बरनामा

चिश्ती की पुस्तक ‛अमेज़िंग पिपलांत्री’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
 


जोधपुर। सूर्यनगरी जोधपुर के युवा कृषि-पर्यावरण पत्रकार मोईनुद्दीन चिश्ती की पुस्तक ‛अमेज़िंग पिपलांत्री’ का मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उदयपुर में आरके ग्रुप के हेलीपैड पर विमोचन किया। पुस्तक ग्रामीण विकास की इबारत लिखने में कामयाब रहे राजस्थान के इकलौते गांव, राजसमंद के पिपलांत्री गांव के विश्वस्तर पर सराहे जा रहे कार्यों पर लिखी गई है। चिश्ती द्वारा अनूठी और सकारात्मक परिणाम देने वाली पत्रकारिता किये जाने पर मुख्यमंत्री राजे ने उन्हें शाबासी दी। चिश्ती ने पुस्तक की पहली प्रति मुख्यमंत्री को भेंट भी की।चिश्ती ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि और पर्यावरण संरक्षण के लिए लिखते हैं और देश के अनेक अग्रणी पुरस्कारों से भी सम्मानित किए जा चुके हैं।

चिश्ती ने बताया- यह गांव डॉ. कलाम द्वारा निर्मल ग्राम पुरस्कार से सम्मानित है। विश्व में सबसे ज्यादा 1,059,540.134 टन मार्बल ब्लॉक खनन के लिए वर्ष 2001 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आरके मार्बल का विश्व रिकॉर्ड है, जो पिपलांत्री क्षेत्र में ही है। गांव में भूमिगत जल 600 फ़ीट से भी ज्यादा गहरा गया था, जो अब हमारे द्वारा किए जा प्रयासों से मात्र 8-10 फ़ीट पर ही उपलब्ध है। गांव में चलाई जा रही किरण निधि योजना के तहत प्रत्येक बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाकर उन्हें सींचने का कार्य किया जा रहा है। बेटियों के गांव के रूप में विश्व विख्यात हो चुके इस गांव की बेटी के जन्म से विवाह तक की समस्त जिम्मेदारियों का निर्वहन गांव वालों द्वारा किया जाता है। चिश्ती की इस गांव के वृक्षारोपण, जल सरंक्षण, बेटी बचाओ, चारागाह भूमि सरंक्षण कार्यों पर यह चौथी पुस्तक है। ‛अमेज़िंग पिपलांत्री’ इंग्लिश भाषा में है, जिसके अनुवाद का कार्य जयपुर की पत्रकार अमृता मौर्य ने किया है।

समारोह में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, संभागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा, यूआईटी सेक्रेटरी रामनिवास मेहता, आईजी आनंद श्रीवास्तव, यूआईटी चेयरमैन रविंद्र श्रीमाली, आरके ग्रुप के उद्योगपति विमल पाटनी, परमानंद पाटीदार, राजसमंद के कृषि अधिकारी प्रवीण गुप्ता, किरण निधि संस्थान के कपिल पालीवाल सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी और वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य श्यामसुंदर पालीवाल भी मौजूद थे।


- सुरेन बिश्नोई