प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
दिसम्बर 2017
अंक -33

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हाइकु

हाइकु

डूबता सूर्य-
सज गया सिंदूर
नाक से माँग।



जोड़े में बैठा
तीरवर्ती बुजुर्ग-
डूबता सूर्य।



इंद्रधनुष-
शादी में कुम्हारन
बर्तन लाई।



मेले में स्त्रियाँ-
गूँजती तितलियाँ
छोर से पोर।



झरता पत्ता-
मैं क़ब्रों के बीच में
नि:शब्द खड़ी।



टूटता तारा-
आस पाए युगल
जकड़े हाथ।



अदाह्य दीप
फैलाये चिंगारियाँ-
दल जुगनू।



कलश यात्रा
मंदिर स्थापना की-
बजाज नाचे।



उमड़े मेघ-
श्यामपट्ट पे श्वेत
लिखी रचना।



दामनी आँधी-
रात्रि पहरेदार
बजाए सीटी।



शीत में आँधी-
छतों पे टंगी बत्ती
फड़फड़ाए।



झंडोत्तोलन-
विडियोग्राफ़ी भू की
मोबाइल से।



चंद्रमा हिले
दीपों की ठोकर से-
देवदीवाली।



फटे बादल-
वाहन मनु हाल
तैरते तृण।



चिंगुरी आँखें
तपा उम्र बताई-
झुलसे पत्ते।



माँ का बनाया
याद आये स्वस्तिक-
लक्ष्मी पूजन।



वन में धूप
दीन का नीड़ जला
बौराई हवा।



विछोही पत्र
मुड़ नही देखते
निर्मोही पुत्र।



तोरणहार
विंडचैम लटके
सोनालू डार।



फैले सितारे-
महमहाना बेला
गोधूलि फैले।


- विभा रानी श्रीवास्तव
 
रचनाकार परिचय
विभा रानी श्रीवास्तव

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