हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
नवम्बर-दिसम्बर 2015 (संयुक्तांक)
अंक -43

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

कुछ तो लोग कहेंगे..!
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संवैधानिक अधिकार बताया जाता है और यह है भी। परन्तु सच्चाई सुनने के बाद की तिलमिलाहट भी जगजाहिर है। आख़िर क्या किया जाना चाहिए? इन सब बातों का समाधान बिना चर्चा हुए निकल पाना संभव है क्या? संशय इस बात का भी उतना ही है कि चर्चा करने से भी कुछ परिणाम सामने आ सकेंगे। लेखकों की सरेआम ह्त्या होती है, उनके साथ मारपीट की जाती है, अपराधी खुलेआम घूमते हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद कहीं कुछ नहीं होता। ऐसे में निराशा और क्षोभ से भर कुछ साहित्यकार दुखित हृदय से अपना पुरस्कार लौटाने का साहस करते हैं और चंद अति उत्साही लोग उन पर ऐसे टूट पड़ते हैं, जैसे ये पुरस्कार उन्हें उनका मुंह बंद करने के लिए दिया गया था। क्या ....
 
Share
इस अंक में ......

आवरण- साभार गूगल

हस्ताक्षर
कविता-कानन
ग़ज़ल-गाँव
गीत-गंगा
कथा-कुसुम
आलेख/विमर्श
छंद-संसार
ख़ास-मुलाक़ात
मूल्यांकन
ख़बरनामा
हाइकु
उभरते स्वर
बाल-वाटिका
संदेश-पत्र
ज़रा सोचिए!
विशेष
रचना-समीक्षा