हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मई 2018
अंक -43

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

संपादकीय
'साहित्यकार' बनना अब दो मिनिट मैगी जैसा है।   चित्रकार, मूर्तिकार, साहित्यकार या किसी भी कलात्मक कार्य से संबद्ध लोग मूलतः रचनाकार ही होते हैं और किसी भी रचनात्मक व्यक्ति का एकमात्र धर्म सृजन ही है। वह निर्माण में विश्वास रखता है, विध्वंस में नहीं! उसका जन्म नकारात्मकता के सारे भावों को दूर कर समाज में सकारात्मकता और आशावाद के प्रचार-प्रसार के लिए हुआ है। उसका सतत प्रयत्न होता है कि वह ईर्ष्या, द्वेष  के विकारों को दूर करे न कि स्वयं ही उसमें लिप्त हो जाए। उसकी आँखों में सृष्टि की सुंदरता का बख़ान और ह्रदय में इसकी कुरूपता को विस्तार देने वाले तत्त्वों को ....
 
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इस अंक में ......

आवरण: प्रीति अज्ञात

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