हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
जनवरी 2017
अंक -38

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

संपादकीय
क्या हम सचमुच समाधान ढूँढने में सक्षम नहीं?   ये कैसी होनी है, जिसे हम विधाता पर डाल निश्चिन्त हो जाते हैं! उन बच्चों ने तो अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी। कितनों की अधूरी ड्रॉइंग उनकी कल्पनाओं के रंग भरे जाने की प्रतीक्षा कर रही होगी, किसी की माँ ने उसके स्कूल से लौटने के बाद उसकी पसंदीदा डिश बनाकर रखी होगी, किसी के पिता उसे सरप्राइज देने के लिए उसका वही खिलौना खरीदकर लाये होंगे, जिसके लिए उसने बीते सप्ताहांत पूरा घर सिर पर उठा रखा था, दादा-दादी ने आज उसे सुनाने के लिए परियों वाली कहानी सोच रखी होगी। कितना दर्दनाक होता है वो मंज़र, जहाँ बच्चे के इंतज़ार में बैठे ....
 
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इस अंक में ......

आवरण: सुभाष यारो मेघवाल

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