हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
सितम्बर 2016
अंक -18

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

संपादकीय
हिंदी का पुनर्प्रतिष्ठा काल     वर्तमान समय को हिंदी का पुनर्प्रतिष्ठा काल कहना अधिक उचित प्रतीत होता है क्योंकि आज इसकी लोकप्रियता और साख पूरे विश्व में व्याप्त है। तमाम व्यावसायिक कंपनियां अपने विज्ञापनों में हिंदी का गर्व के साथ प्रयोग कर सफल हो रहीं हैं। वे जनता की नब्ज़ को अच्छे से जान इसका पूरा लाभ ले घर-घर पहुँच चुकी हैं। यद्यपि इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि भारत में अंग्रेज़ी को हमेशा से ही अधिक मान मिलता रहा है। यह हमारी 'अतिथि देवो भवः' की सभ्यता का परिणाम है या कुछ ....
 
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इस अंक में ......

आवरण चित्र: शशांक शेखर

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