हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
अगस्त 2016
अंक -17

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

संपादकीय
संवेदनाएं यूँ ही समाप्त नहीं होतीं   दिल्ली में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक और घटना ने फिर से यह प्रश्न खड़ा कर दिया कि आख़िर किस समाज का हिस्सा हैं हम एवं क्यों और किसके लिए जी रहे हैं? एक तड़पते हुए व्यक्ति को देखकर क्यों, किसी की संवेदनाएँ उद्वेलित नहीं होतीं? ऑटो वाला अपनी गाड़ी में लगे निशान को लेकर चिंतित है, रिक्शे में बैठे लोग निर्धारित स्थान पर पहुँचने की जल्दी में होते हुए भी मोबाइल चोरी की अनुमति दे देते हैं। लाश के इर्द-गिर्द चलती दुनिया के माथे पर शिकन तक नहीं रेंगती? ये कैसी वीभत्स तस्वीर ....
 
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इस अंक में ......

आवरण चित्र- प्रीति अज्ञात

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